नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि युवाओं में कैंसर की बीमारी तेजी से फैल रही है। इसका एक बड़ा कारण खराब जीवनशैली है। अगर जीवनशैली में सुधार कर लें तो भविष्य में कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। जानिए रिसर्च में क्या सामने आया है…

युवाओं में कैंसर की बीमारी लगातार फैल रही है। इसको लेकर युवाओं में काफी चिंता की स्थिति देखने को मिल रही है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसके विकास में पारिवारिक इतिहास या अनुवांशिकी की बहुत अहम भूमिका होती है। लेकिन आजकल हम देखते हैं कि जिन लोगों के परिवार में कैंसर का कोई भी इतिहास नहीं है, वे भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। आपको बता दें कि इसका एक बड़ा कारण खराब जीवनशैली है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी में प्रकाशित एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि अगर अनुवांशिकी कारकों को छोड़ दें, तो इसके जीवनशैली से जुड़े कारक कैंसर के विकास में योगदान देते हैं। अगर इन कारकों में सुधार कर लिया जाए तो कैंसर के खतरे को आसानी से कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं अध्ययन में क्या कुछ सामने आया है।
कैंसर के खतरे को बढ़ाने में ये आदतें देती हैं योगदान
अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अध्ययन में यह पाया गया है कि युवाओं में कैंसर का खतरा अधिक बढ़ गया है। इसके पीछे का कारण उनकी खराब जीवनशैली आदतें हैं। उनकी रोजमर्रा की आदतें उन्हें इस खतरनाक बीमारी का शिकार बना रही हैं जिनमें शामिल हैं।
मोटापा : शरीर का बढ़ता वजन शरीर में बीमारियों के विकास में योगदान देता है। अध्ययन में पाया गया है कि यह कैंसर का कारण भी बन सकता है।
धूम्रपान : जब व्यक्ति स्मोकिंग करता है, तो धुंए के साथ कई हानिकारक कण उसके शरीर में प्रवेश करते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास में योगदान देता हैं।
शराब : शराब ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाती है। इसमें मौजूद हानिकारक कण कैंसर कोशिकाओं का निर्माण करते हैं। इसका सेवन हमेशा मोडरेशन में करना चाहिए।
खराब खानपान : आजकल लोग पैकेज्ड, जंक और प्रोसेस्ड फूड, सोडा-कोला, मसालेदार, तली-भुनी चीजों का अधिक सेवन कर रहे हैं, जो उन्हें कैंसर के खतरे में डाल रहा है।
शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना : सेहतमंद रहने के लिए यह सलाह दी जाती है कि रोज 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। लेकिन दिनभर बिस्तर या सोफे पर लेटे रहना या ऑफिस में एक ही जगह बैठकर काम करना, सेहत को नुकसान पहुंचाता है। यह कैंसर के खतरे को बढ़ाता है।